हथौड़ा सुपारी का।

Avishek Sahu
August 22, 2018

हथौड़े से कभी इश्क करो तो जुर्माना तयार रखना,

अब हथौड़ा है हथौड़े के खातिर काफी धूल तो होगा चखना,

धूल है कोई राख नहीं जिसको हम नियम से टटोलेंगे,

ये तो बस जुनून है जिसकी लाज हम रखेंगे,

फिर भी अगर हुई मुशक्कत बकरी नहलाने में,

राम कसम खो जाओगे आप तो दिल बहलाने में,

आखिर दिल दिया कोई जान नहीं दी जो दिमाग से डरेंगे,

हम तो बस जान रखें है जान की खातिर, केह के ले लेंगे,

इसी लिए तो नाम बड़ा है उस काले से व्यापारी का,

अब लिखा है तो वो भी लेे लेंगे उसके मीठी सुपारी का।

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